डॉक्टर कैसे बनें

डॉक्टर कैसे बनें – डॉक्टर के फील्ड में आज बहुत सारे स्टूडेंट्स अपनी carrier बनाना चाहते हैं क्योंकि आज के समय डॉक्टर की भारत में सबसे ज़्यादा कमी है.

लेकिन डॉक्टर बनने के लिए आपके अंदर आत्मविश्वास और लोगों की सेवा करने का जुनून अंदर से ही होनी चाहिए तभी आप इस फील्ड में टिक सकते हैं और एक सफल डॉक्टर बन सकते हैं नहीं तो आपको बाद में इस फील्ड में काम करने में परेशानी होगी.

डॉक्टर की नौकरी बहुत ही जिम्मेदारी पूर्वक होती है आपको इमरजेंसी में भी 24 घंटे की ड्यूटी भी करनी पड़ सकती हैं आपने देखा होगा कि कोरोना वायरस के समय किस तरह डॉक्टर overtime ड्यूटी कर रहे थे इसलिए आपको सभी परिस्थितियों में काम करने के लिए हमेशा तैयार रहना पड़ेगा।

तो आज इस लेख में आपको बताएंगे कि डॉक्टर कैसे बनें और एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कैसे करें इसलिए पोस्ट को अंत तक पढ़ते रहिए।

डॉक्टर कैसे बनें

आप भी अगर डॉक्टर बनने की चाहत रखते हैं तो इसके लिए आपको कठिन परिश्रम करना पड़ेगा क्योंकि हर वर्ष डॉक्टर के प्रवेश परीक्षा के लिए लाखों स्टूडेंट्स एग्जाम में बैठते हैं लेकिन कुछ ही स्टूडेंटस इस एग्जाम को-को पास कर पाते हैं ।

दसवीं के बाद +2 में बायोलॉजी सब्जेक्ट का चयन करें

10th पास करने के बाद इंटर में साइंस सब्जेक्ट के पीसीबी (Physics Chemistry and Biology) ग्रुप में एडमिशन लेकर पढ़ाई करें।

डॉक्टर बनने के लिए कितने परसेंटेज चाहिए

डॉक्टर बनने के लिए आपको +2 में कम से कम 50% से सभी विषयों में पास होना ज़रूरी है तभी आपको डॉक्टर की इंट्रेंस परीक्षा में बैठने की अनुमति मिलेगी।

मेडिकल के इंट्रेंस एग्जाम के लिए अप्लाई करें

मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस में एडमिशन के लिए NTA (National Testing Agency) के द्वारा प्रत्येक वर्ष मेडिकल प्रवेश परीक्षा के लिए NEET (National Eligibility Cum Entrance Test) परीक्षा ली जाती है जो जनवरी से मार्च के बीच में हर वर्ष फॉर्म निकलती है इस फॉर्म को ऑनलाइन भर सकते हैं।

एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कैसे करें

  • मेडिकल की प्रवेश परीक्षा की तैयारी आपको एक 11वीं से ही शुरू कर देना चाहिए जिससे 12 वीं और NEET एग्जाम दोनों की तैयारी एक साथ हो जाएगी.

 

  • आपको 11वी और 12वीं की फिजिक्स केमिस्ट्री और बायोलॉजी के एनसीआरटी बुक सही से सभी चैप्टर के टॉपिक वाइज गहन अध्ययन करना चाहिए.

 

  • डाउट क्लियर करने के लिए और भी किताब का हेल्प ले सकते हैं.

 

  • मेडिकल प्रवेश परीक्षा क्वालीफाई करने के बाद किसी अच्छे मेडिकल कॉलेज में एडमिशन लेकर अच्छे से पढ़ाई करें।

एमबीबीएस कितने साल का होता है

डॉक्टर की पढ़ाई के लिए एमबीबीएस करना पड़ता है एमबीबीएस कोर्स का ड्यूरेशन साढ़े 4 वर्षों का होता है।

एमबीबीएस कोर्स करने के बाद आपको 1 वर्ष का इंटर्नशिप किसी मेडिकल कॉलेज से करना पड़ेगा तभी आपको मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के द्वारा डॉक्टर की प्रैक्टिस करने की या किसी हॉस्पिटल में डॉक्टर की नौकरी करने का लाइसेंस मिलेगा।

टॉप 10 मेडिकल कॉलेज इंडिया

  1. ऑल इंडिया इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज-नई दिल्ली
  2. पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन ऐंड रिसर्च-चंडीगढ़
  3. क्रिस्चन मेडिकल कॉलेज-वेल्लुरु
  4. नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ ऐंड न्यूरो साइंस-बेंगलुरु
  5. संजय गांधी पोस्ट ग्रैजुएट इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज-लखनऊ
  6. बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी-वाराणसी
  7. अमृता विश्व विद्यापीठम-कोयंबटूर
  8. जवाहर लाल इंस्टिट्यूट ऑफ पोस्ट ग्रैजुएट मेडिकल एजुकेशन ऐंड रिसर्च-पुडुचेरी
  9. कस्तुरबा मेडिकल कॉलेज-मणिपाल
  10. किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी-लखनऊ

एमबीबीएस क्या हिन्दी मीडियम में कर सकते हैं

एमबीबीएस की पढ़ाई कुछ कॉलेज में हिन्दी मीडियम में भी होता है लेकिन हिन्दी मीडियम में डॉक्टर की पढ़ाई करने से आपको ही बाद में नुक़सान होगा क्योंकि आजकल हर जगह इंग्लिश यूज़ होता है जितनी भी दवाई होती है अक्सर में प्रिंट इंग्लिश में ही आता है या मेडिकल की कोई अच्छी बुक आपको इंग्लिश में ही मिलेगा अगर आप इंग्लिश में कमजोर है तो आपको इंग्लिश मज़बूत करनी चाहिए क्योंकि एक अच्छा डॉक्टर बनने के लिए इंग्लिश जानना बहुत ज़रूरी है।

डॉक्टर बनने में कितना पैसा लगेगा

जब कोई स्टूडेंट्स नीट एग्जाम की परीक्षा पास कर लेता हैं इसके बाद उसका अगर अच्छा रैंक और नंबर आया है नीट एग्जाम में तो उस स्टूडेंट्स को अच्छे गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में एडमिशन हो जाता है.

लेकिन अगर सिर्फ़ कोई स्टूडेंट्स नीट क्वालीफाई किया है और नीट में रैंक और नंबर अच्छा नहीं है तो उसको गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज नहीं मिलता है.

उसको प्राइवेट कॉलेज मिलेगी जहाँ प्राइवेट कॉलेज की टोटल फीस 25 लाख से लेकर एक करोड़ तक है जो कि मध्यम वर्ग के स्टूडेंट के लिए असंभव है कि वह प्राइवेट कॉलेज से मेडिकल की पढ़ाई कर पाए लेकिन अगर एडमिशन गवर्नमेंट कॉलेज में हो जाए तो बहुत ही कम पैसों में एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी हो जाएगी।

मेडिकल में कैरियर

डॉक्टर की नौकरी ही ऐसी है जिसमें आपको पैसों के साथ समाज में इज़्ज़त और लोगों की दुआओं मिलता है

भारत में डॉक्टर की बहुत ही कमी है अभी जनसंख्या के हिसाब से 1000 प्रति व्यक्ति डॉक्टर होना चाहिए लेकिन 1800 प्रति व्यक्ति के बीच में एक डॉक्टर है इसलिए डॉक्टर की मांग भारत में बहुत ही ज़्यादा है

डॉक्टर के क्षेत्र में बहुत सारे स्टूडेंट्स अपना कैरियर बनाना चाहते हैं लेकिन मेडिकल कॉलेज में बहुत ही डॉक्टर की कम सीट है जिसके कारण बहुत ही कम बच्चे डॉक्टर बन पाते हैं और मेडिकल एंटरेंस के एग्जाम बहुत ही कठिन होती है जिसे बहुत कम ही बच्चे हैं इस एग्जाम को पास कर पाते हैं।

निष्कर्ष

मुझे उम्मीद है कि आपको यह लेख डॉक्टर कैसे बनें पसंद आया होगा और आपको यह पोस्ट पसंद आया तो इस पोस्ट को अपने दोस्तों के संग फ़ेसबुक व्हाट्सएप ग्रुप में शेयर करें धन्यवाद।

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