On Page SEO क्या है और इसे कैसे किया जाता है?

On Page SEO क्या है– अगर आपने एक वेबसाइट बनाई है और उस website पर आपकी traffic बहुत कम आ रही है.

तो इसका मुख्य कारण है कि आपकी वेबसाइट पर SEO सही तरीके से नहीं की गई हो.

किसी भी वेबसाइट पर traffic का मुख्य स्रोत organic traffic होता है और जब तक आपकी वेबसाइट में ऑर्गेनिक ट्रैफिक नहीं आएगी तब तक आपकी वेबसाइट पर high traffic नहीं मिलेगा.

गूगल से ऑर्गेनिक ट्रैफिक प्राप्त करने के लिए आपको अपनी वेबसाइट पर SEO technique सही से इंप्लीमेंट करनी होगी.

यह Search engine optimization टेक्निक दो प्रकार की होती है On page SEO और Off page SEO टेक्निक होता है.

आज हम On Page SEO क्या होता है और On page SEO कैसे करें के बारे में step by step आपको बताने वाले हैं इसलिए इस आर्टिकल को अंत तक पढ़ते रहिए।

On Page SEO क्या है

अपनी वेब पेज के अंदर ही जो हम optimization करते हैं उसे On Page SEO कहते हैं.

On Page SEO किसी वेबसाइट पर करने से उस वेबसाइट की पोस्ट Search Engine के first page में rank करने chance बढ़ जाती है.

इसमें हम अपनी content, title tag Meta Description इत्यादि को सही से ऑप्टिमाइज करते हैं।

On Page SEO कैसे करें

On Page SEO करने के लिए आप निम्नलिखित स्टेप को फॉलो करें।

1. Keywords research

किसी भी topic पर Article लिखने से पहले आपको उस topic से रिलेटेड Keywords का research अवश्य करनी चाहिए.

कीवर्ड रिसर्च करने से आपको यह पता चल जाता है कि उस कीवर्ड का कितना मंथली सर्च volume हैं और उस कीवर्ड पर कंपटीशन CTR कितना है.

आपको शुरुआत में लो कंपटीशन और ज़्यादा सर्च volume वाले keywords पर काम करना चाहिए।

2. Text length

जिस भी Keywords पर आप आर्टिकल लिखने वाले हैं उस Keyword को गूगल में सर्च करके पहले आपको यह देखना है कि वह Keyword पर गूगल के फर्स्ट पेज में जो post rank कर रहा है वह कितने words का है उससे ज़्यादा words का आर्टिकल आपको लिखनी चाहिए.

आपको किसी भी Keywords पर मिनिमम 1500 से 1600 words से ऊपर का Article लिखने की कोशिश करनी चाहिए.

3. Unique Content

आपको हमेशा अपनी वेबसाइट पर यूनिक कंटेंट ही लिखनी चाहिए, किसी दूसरे के वेबसाइट विडियो से आप अपने टॉपिक के लिए सिर्फ़ आईडिया ले सकते हैं लेकिन उसको आपको अपनी लैंग्वेज में अपने तरीके से ही लिखनी चाहिए.

अपने लिखे गए आर्टिकल को अपनी वेबसाइट पर पब्लिश करने से पहले एक बार plagiarism checker में plagiarism चेक ज़रूर कर लेनी चाहिए.

जिससे आपको यह पता चल जाएगा कि आपका article कितना पर्सेंट यूनिक है।

4. Sentence length

अपने पूरे आर्टिकल को छोटे-छोटे वाक्य बनाकर लिखनी चाहिए जिससे यूजर को पढ़ने में बहुत ही आसानी होगी.

आपको एक वाक्य में 20 वर्ड्स यूज करनी चाहिए।

5. H1, H2, H3 Heading Tag

H1 tag को आपको अपनी वेबसाइट में 1 बार ही use करनी चाहिए अगर आप वर्डप्रेस में आपका ब्लॉग है तो इसमें title tag ही आपका H1 heading Tag ऑटोमेटिक बन जाएगा.

आपको H1 Tag में अपनी प्राइमरी Keywords को यूज करनी चाहिए.

H2 tag में आपको अपनी सेकेंडरी Keyword का यूज़ करनी चाहिए H2 tag का इस्तेमाल 4 से 5 बार कर सकते हैं.

H3 Tag का इस्तेमाल आप subheadings देने के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं H3 tag को अपने आर्टिकल में कई बार यूज कर सकते हैं।

6. Image SEO

जिस तरह से हमारे article गूगल में rank करती है उसी तरह से हमारी आर्टिकल में यूज किए गए इमेज भी गूगल में रैंक होता है.

इसलिए हमें इमेज की ऑप्टिमाइजेशन सही तरीके से करनी चाहिए.

आप जो भी अपने ब्लॉग में इमेजेस यूज करते हैं वह कॉपीराइट फ्री इमेजेस ही यूज करनी चाहिए.

Blog में यूज करने वाली इमेज की साइज काफ़ी छोटी होनी चाहिए अपने ब्लॉग में आप नेक्स्ट जेनरेशन इमेज भी यूज कर सकते हैं.

जो इमेज अपने आर्टिकल में यूज किए हैं उसमें अपने main focus keyword को Alt tag में यूज़ करें।

7. Permalink

आपको अपनी URL Structure को बहुत ही सिंपल रखनी चाहिए और अपनी यूआरएल में Main focus keyword का यूज़ अवश्य करनी चाहिए।

8. Slug

Slug एक तरह का URL ही होता है slug में आपको अपना main focus keyword का use करनी चाहिए.

users को Slug से article किस बारे में है एगजेट पता तुरंत चल जाता है और यूज़र को पोस्ट पर क्लिक करने का चांस बढ़ जाती है।

9. Title tag

जब हम गूगल में कोई टॉपिक पर सर्च करते हैं तो गूगल के सर्च इंजन रिजल्ट पेज में हमें सबसे पहले किसी वेबसाइट की title tag ही सबसे पहले शो होता है.

Title tag को पढ़कर ही कोई यूजर पोस्ट पर क्लिक करता है इसलिए Title tag को सही से ऑप्टिमाइज करने की ज़रूरत है.

Title tag में अपनी में main focus keyword का यूज़ करें अपने आर्टिकल की Title tag में अट्रैक्टिव words लिखें जिससे कोई यूजर आपके Title tag को पढ़ते ही आपकी ब्लॉग की पोस्ट पर क्लिक करेंगे.

टाइटल टैग की lenght 60 characters से ज़्यादा नहीं रखनी चाहिए।

10. Meta Description

Title tag बाद जो गूगल के search Engine में सो होता है वह Meta Description होता है.

अपनी आर्टिकल की पोस्ट की Meta Description में आपको अपनी main focus keyword लिखना चाहिए.

Meta Description में आपने आर्टिकल से रिलेटेड यूनिक words लिखें जिससे यूजर पढ़ते ही आपकी पोस्ट पर क्लिक करेंगे मेटा डिस्क्रिप्शन में आपको 155 से ज़्यादा वर्ड्स का यूज नहीं करनी चाहिए।

11. Focus keyword

फोकस कीबोर्ड वह होता है जिस पर हम अपने पूरे आर्टिकल को फोकस करते हुए लिखते हैं.

अपने ब्लॉग की पोस्ट के लिए long tail focus keyword रिसर्च करके सेलेक्ट करनी चाहिए और पोस्ट में आपको अपनी फोकस कीवर्ड को बोल्ड करनी चाहिए।

12. Keyword density

अपने ब्लॉग में लिखे गए आर्टिकल में 4 परसेंट से ज़्यादा कीवर्ड यूज नहीं करनी चाहिए नहीं तो आपकी पोस्ट की SEO black hat SEO कैटेगरी में आ जाएगी।

13. Internal link

आप अपने आर्टिकल में लिख रहे वर्ड में अपने दूसरे आर्टिकल का लिंक दे Internal linking से आपकी वेबसाइट की गूगल में रैंकिंग पावर बढ़ाती है और यह आपकी वेबसाइट को SEO फ्रेंडली बनाने का कार्य करती है।

14. Outbound link

Outbound link में आप अपनी वेबसाइट की पोस्ट में अपनी मिलती जुलती पहले की publish कर चुके आर्टिकल का लिंक को ऐड करे.

आपका अगर दो से तीन पोस्ट भी गूगल के फर्स्ट पेज में rank कर जाता है तो आपके उस पोस्ट से यूजर दूसरे पोस्ट में Outbound link पर क्लिक करके जाएगा।

15. Page Speed

आपकी वेबसाइट की page speed बहुत अच्छी होनी चाहिए.

जब कोई यूजर आपके website की post पर click करें तो वह post का Link कुछ ही second में खुल जाना चाहिए नहीं तो यूज़र आपकी साइट को छोड़कर किसी दूसरे वेबसाइट में चले जाएंगे जिससे गूगल में आपकी वेबसाइट की रैंकिंग डाउन हो जाएगी।

16. Responsive website

अपनी वेबसाइट पर बहुत ही लाइटवेट थीम्स यूज करनी चाहिए जिससे आपकी वेबसाइट की स्पीड बहुत तेज होगी.

वेबसाइट की डिजाइन बहुत ही सिंपल रखें और सभी डिवाइस में आपकी वेबसाइट प्रॉपर वे में खुलनी चाहिए।

On Page SEO क्यों करनी चाहिए

जय SEO की शुरुआती भाग है और बिना ऑन पेज ऑप्टिमाइजेशन किए आपकी वेबसाइट गूगल सर्च इंजन के फर्स्ट पेज में rank करना बहुत ही मुश्किल है.

इसमें SEO की कई मुख्य टेक्निक कीवर्ड रिसर्च, कीवर्ड डेंसिटी, टाइटल टैग, मेटा डिस्क्रिप्शन इत्यादि का ऑप्टिमाइजेशन होता है जो कि SEO के लिए बहुत ही ज़रूरी है।

Difference between on-page and off page SEO in Hindi

On page SEO में जो भी सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन का यूज होता है वह हम अपनी वेबसाइट के अंदर ही करते हैं.

यह आपकी वेबसाइट को user-friendly और अट्रैक्टिव बनाती हैं।

Off page SEO में जो भी work होता है वह website के बाहर होती हैं.

इसमें बैंकलिंक बनाना हाई रैंकिंग वाली website में अपनी url लिंक देते कॉमेंट करना.

अपनी वेबसाइट का लिंक सोशल मीडिया में शेयर करना वेबसाइट कि सोशल मीडिया में प्रमोशन करना इत्यादि काम किया जाता है।

On Page SEO tutorial in Hindi

आज के इस पोस्ट में आपको On Page SEO क्या होता है और On Page SEO कैसे करते हैं जानने को मिला.

मुझे उम्मीद है कि आपको यह आर्टिकल पसंद आया होगा और आपके मन में On Page SEO के बारे में कुछ सवाल और रह गया है तो हमें नीचे कमेंट करके जरूर बताएं.

इस पोस्ट को अपने वैसे दोस्तों के साथ सोशल मीडिया नेटवर्क फेसबुक व्हाट्सएप पर शेयर करें जो कि SEO सिखना चाहता है।

 

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