SEO क्या है – What is SEO in Hindi

SEO क्या है – जितने भी लोग Blogging के fields में नये आते हैं उसको शुरुआत में एक बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है कि गूगल से उसे बहुत कम ऑर्गेनिक ट्रैफिक मिलती है.

गूगल से ऑर्गेनिक ट्रैफिक तभी आपको मिलेगी जब आपकी लिखी गई पोस्ट गूगल के फर्स्ट पेज में rank करना शुरू कर देगा.

लेकिन गूगल के फर्स्ट पेज में कोई वेबसाइट तभी रैंक करती है जब उस वेबसाइट की SEO बहुत ही अच्छी तरह से की गई हो.

दुनिया भर में जितने भी लोग गूगल पर कोई आर्टिकल पड़ते हैं उसमें 90 परसेंट लोग फर्स्ट पेज के आर्टिकल को ही ज़्यादा पढ़ते हैं.

इसलिए आपको सही तरीके से SEO अपनी वेबसाइट पर करनी पड़ेंगी तभी आपकी पोस्ट गूगल सर्च इंजन के फर्स्ट पेज  search engine result page (SERP)  में rank होगा.

आज के इस लेख में आप जानेंगे कि SEO किसे कहते है और SEO कैसे काम करता है?

SEO क्या है – What is SEO in Hindi

Search Engine Optimisation की टेक्निक से किसी भी वेबसाइट यह ब्लॉग की क्वालिटी और क्वांटिटी बढ़ाई जाती है जिससे उस वेबसाइट की पोस्ट सर्च इंजन की टॉप पोजीशन SERP पर rank करने लगती है जिससे उस वेबसाइट को high ऑर्गेनिक ट्रैफिक मिलती है।

SEO का फुल फॉर्म क्या है

एसईओ का फुल फॉर्म सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन होता है.

SEO कैसे काम करता है

वेबसाइट बनाने के बाद हम गूगल वेबमास्टर टूल में अपनी वेबसाइट को सबमिट करते हैं.

Website सममीट करने के बाद गूगल का रोबोट उस साइट को crawl करना स्टार्ट कर देती है और रोबोट यह पता लगाती है कि आपकी वेबसाइट पर किस तरह की इंफॉर्मेशन है.

crawl करने के बाद सर्च इंजन में वेबसाइट की इंडेक्सिंग हो जाती है.

एग्जांपल के तौर पर जब आप है एक keywords जैसे Signal App क्या है गूगल के search bar में टाइप करके सर्च करते हैं तो आपके सामने गूगल के फर्स्ट पेज में वही वेबसाइट का Article Signal App क्या है पर show करेगा जिस वेबसाइट का SEO सबसे सही तरीके से किया गया होगा।

Types of SEO in Hindi

1. On page SEO

2. Off page SEO

1. On page SEO

अपनी वेबसाइट पर आर्टिकल को पब्लिश करने से पहले On page SEO किया जाता है।

On page SEO कैसे करें

Keyword research

किसी भी website की post को गूगल के फर्स्ट पोस्ट में rank कराने के लिए कीवर्ड रिसर्च करना बहुत ज़रूरी है बिना कीवर्ड रिसर्च किये आप अपने post को गूगल की फर्स्ट पेज में रैंक नहीं करा सकते हैं.

आपको ऐसे keywords पर आर्टिकल लिखना चाहिए जिसका सर्च वॉल्यूम ज़्यादा हो और उस keyword पर low कंपटीशन हो.

कीवर्ड रिसर्च करने के लिए आप गूगल के फ्री गूगल कीवर्ड प्लानर का यूज कर सकते हैं.

आप अगर पेड कीवर्ड रिसर्च टूल का इस्तेमाल करना चाहते हैं तो आप Ahrefs Keyword Explorer,

SEMrush और Ubersuggest का यूज कर सकते हैं।

Unique Content

आपको हमेशा अपने वेबसाइट पर यूनिक content लिखना है किसी भी ब्लॉग या वेबसाइट से कॉपी करके नहीं लिखना है अगर आपके ब्लॉग की पोस्ट में plagiarism content है तो वैसे आर्टिकल गूगल के फर्स्ट पेज में कभी rank नहीं करेगा।

permalink

किसी भी पोस्ट की url को permalink कहा जाता है आप अपनी पोस्ट की url की स्ट्रक्चर को जितना सिंपल रखेंगे वह आपके पोस्ट के SEO के लिए उतना ही सही होगा।

Title Tag

गूगल में किसी topic के बारे में सर्च करने पर आपके सामने जो सबसे पहले किसी वेबसाइट का पोस्ट Google के page में show करता है वह किसी भी पोस्ट का title tag ही होता है इसलिए आपको अपनी पोस्ट की टाइटल टैग को सही तरीके से ऑप्टिमाइज करनी चाहिए।

अपनी पोस्ट की टाइटल टैग में अपने मेन फोकस कीवर्ड का यूज़ ज़रूर करें और उसके साथ ही टाइटल टैग में attractive words लिखें जिससे लोग आपके टाइटल टैग पढ़ते ही आप की पोस्ट पर क्लिक करेंगे।

Meta Description

टाइटल टैग के बाद जो गूगल में किसी वेबसाइट के पोस्ट का show होता है उसे Meta Description कहते हैं.

इसलिए मेटा डिस्क्रिप्शन में आप अपनी मेन focus keyword लिखें और जिसके बारे में आपने आर्टिकल में लिखा है उसी के बारे में Meta Description में भी लिखें.

Meta Description की लेंथ आपको 160 words से ज़्यादा नहीं लिखनी चाहिए।

Main focus keyword first or last

Main focus keyword को अपने लेख के फर्स्ट  पाराग्राफ की शुरुआत में और अंतिम पाराग्राफ में Main focus keyword का यूज करनी चाहिए।

keyword in slug

आपको अपनी Main focus keyword को slug में यूज करनी चाहिए।

Image in Alt tag

अपनी पोस्ट में यूज करने वाले इमेज के Alt tag में Main focus keyword लिखना चाहिए और इमेज 30 से 50 kb के साइज के बीच ही यूज करनी चाहिए आप अपनी blog के इमेज के लिए नेक्स्ट जनरेशन का इमेज भी यूज कर सकते हैं।

H2, H3 heading

H2, H3 heading का अपने ब्लॉग के पोस्ट में यूज ज़रूर करनी चाहिए H2 heading तीन से चार बार और H3 heading 5 से 6 बार यूज करनी चाहिए।

Internal link

अपनी वेबसाइट की पोस्ट में इंटरनल लिंक का इस्तेमाल अवश्य करनी चाहिए।

Outbound link

Outbound link के लिए आप जो आर्टिकल लिखे हैं उससे मिलते-जुलते अपनी वेबसाइट पर पहले ‌के लिखे आर्टिकल के पोस्ट का लिंक ऐड करनी चाहिए.

Text length

आप जिस भी टॉपिक पर आर्टिकल लिख रहे हैं उस टॉपिक पर पहले से ही किसी दूसरी वेबसाइट का आर्टिकल गूगल के फर्स्ट पेज में rank हो रहा है .

इसलिए आपको उससे बड़ा आर्टिकल लिखना होगा तभी आपका article गूगल के first पेज में rank होगा आपको मिनिमम 1500 से 2000 तक के बीच का article लिखना चाहिए.

page speed

वेबसाइट की पेज स्पीड बहुत ही फास्ट होनी चाहिए जिससे आपकी वेबसाइट पर कोई यूज़र के क्लिक करने के बाद उस वेबसाइट की पोस्ट तुरंत खुल जानी चाहिए.

आप अपनी वेबसाइट को जितना नीट और क्लीन रखेंगे आपकी वेबसाइट की स्पीड उतनी ही तेज होगी.

वेबसाइट की स्पीड बढ़ाने के लिए आपको अपनी वेबसाइट में बहुत ही लाइट वेट theme यूज़ करनी चाहिए और अपनी वेबसाइट पर बहुत ज़्यादा plugin का इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए.

अपनी वेबसाइट की पेज स्पीड को बढ़ाने के लिए Amp plugin का इस्तेमाल करनी चाहिए।

2.  Off page SEO

इस SEO technique का काम बेसिकली वेबसाइट पर आर्टिकल को पब्लिश कर देने के बाद होता है.

Off page SEO कैसे करें

1. आपको अपनी वेबसाइट के लिए Backlink generate करना होगा Backlink का मतलब यह है कि अपनी वेबसाइट की साइट का लिंक कोई दूसरी वेबसाइट में होना जहाँ से आपके link पर क्लिक करके आपकी वेबसाइट पर लोग आएंगे।

2. वेबसाइट की पोस्ट को फेमस सोशल मीडिया प्लेटफार्म फ़ेसबुक टि्वटर पर ज़रूर शेयर करें।

3. सभी सर्च इंजन Google, Bing, Yahoo! में अपनी साइट को सबमिट करनी चाहिए।

4. high-ranking वाली वेबसाइट पर गेस्ट पोस्ट लिख करके वहाँ से अपनी वेबसाइट के लिए बैंक लिंक प्राप्त कर सकते हैं।

5. Questions-Answer Sites जैसे Quora. com, Medium. com पर Question का answer देकर answer में अपनी वेबसाइट का लिंक देकर अपनी वेबसाइट का हाई क्वालिटी का बैकलिंक प्राप्त कर सकतेे हैं।

6. गूगल के Questions hub में अपने पोस्ट से रिलेटेड क्वेश्चन का आंसर करके अपनी पोस्ट की url को submit करने से गूगल आपकी वेबसाइट पर ख़ुद ऑर्गेनिक ट्रैफिक भेजेगी।

Technical SEO क्या है

Technical SEO On page SEO और Off page SEO से अलग होती है जहाँ On page SEO में पोस्ट पब्लिश करने से पहले SEO करते हैं और Off page SEO पोस्ट पब्लिश करने के बाद SEO करते हैं लेकिन technical SEO जो होता है वह पूरे website का होता है।

Advance Technical SEO कैसे करें

1. जिस टॉपिक से रिलेटेड आप आर्टिकल लिखना चाह रहे हैं उसी से रिलेटेड name का डोमेन लेनी चाहिए।

2. अपनी वेबसाइट की होस्टिंग किसी बढ़िया कंपनी से लेनी चाहिए।

3. वेबसाइट की आर्किटेक्चर proper way में होनी चाहिए।

4. वेबसाइट की नेविगेशन आसान होनी चाहिए जिससे यूज़र को एक पेज से दूसरे पेज में जाने में परेशानी नहीं होनी चाहिए।

5. SSL सर्टिफिकेट वेबसाइट में होनी चाहिए जिससे आपकी वेबसाइट http से https में खुलेगी अगर आपकी वेबसाइट में SSL सर्टिफिकेट नहीं होगा तो आपकी वेबसाइट का url में not secure दिखाएगा।

6. अगर आप ब्लॉगर यूज करते हैं तो आपको ब्लॉगर free में SSL certificate provide करेगा लेकिन अगर आप WordPress यूज़ करते हैं तो आपको SSL certificate के लिए पैसे पर करना पड़ेगा।

7.  मोबाइल फ्रेंडली और responsive theme अपनी वेबसाइट के लिए यूज करनी चाहिए आपको ऐसा theme यूज करनी चाहिए जिससे आपकी वेबसाइट सभी मोबाइल में proper way में खुलनी चाहिए।

8. XML Sitemap अपनी वेबसाइट का generate करके Google search console में सबमिट करनी चाहिए।

9. Google analytics में अपनी वेबसाइट को सबमिट करनी चाहिए जहाँ से आपको अपनी वेबसाइट की बाउंस रेट अपनी वेबसाइट की ट्रैफिक और भी बहुत कुछ एनालाइज करने को मिलेगा।

Black Hat SEO और White Hat SEO क्या है

Black Hat SEO

SEO का वह techniqe जो गूगल के सर्च इंजन की गाइडलाइन को फॉलो नहीं करके की जाती है black hat SEO कहलाती है.

इस techniqe के द्वारा आपकी वेबसाइट गूगल के फर्स्ट पेज में जल्दी से rank कर जाती है लेकिन यह rank अस्थाई होती है और जैसे गूगल को इसके बारे में पता चलता है तो गूगल आपकी वेबसाइट की पोस्ट को गूगल के फर्स्ट पेज के rank से हटा देती है.

इसमें गूगल की एल्गोरिथ्म को मेनू प्लेट करके वेबसाइट की post को रैंक किया जाता है.

black hat SEO में दूसरे की कॉन्टेंट को copy करके अपने कांटेक्ट में यूज करना और अपने आर्टिकल में बहुत ज़्यादा keywords का यूज़ करना black hat SEO में आता है.

अपने article में 4 परसेंट से ज़्यादा फोकस कीवर्ड का यूज करना भी black hat SEO के category में आता है।

White Hat SEO

यह SEO का वह technique है जिसमें गूगल के सर्च इंजन के सभी गाइडलाइन को फॉलो करते हुए SEO की जाती है.

इस technique के द्वारा आपकी वेबसाइट का पोस्ट भले लेट से गूगल के फर्स्ट पेज में rank करता है लेकिन white hat SEO के तरीके से किया गया SEO गूगल के फर्स्ट पेज में पोस्ट rank होने के बाद बहुत दिनों तक रहता है.

google white hat SEO को ही मान्यता देता है इसलिए आपको अपनी वेबसाइट में white hat SEO ही करनी चाहिए।

Search Engine Marketing (SEM) क्या है

Search Engine Marketing एक तरह का इंटरनेट मार्केटिंग या Digital Marketing का technique है जिसमें आप अपनी वेबसाइट का  विज्ञापन Search Engine में चलाकर search engine result page (SERP) में अपने वेबसाइट को टॉप रैंकिंग में लाया जाता है जिससे आपकी वेबसाइट की ट्रैफिक बढ़ जाती है।

SEO हिंदी में

आज की इस लेख में अपने जाना SEO क्या है (What is SEO in Hindi) और अगर आपको सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन की जानकारी के बारे में आपके मन में कुछ सवाल रह गया हो तो आप नीचे कमेंट करके हमें ज़रूर बताएँ.

SEO की जानकारी अगर आपको इस लेख से सही से मिला तो आप इस पोस्ट को सोशल नेटवर्क साइट फ़ेसबुक टि्वटर इत्यादि पर शेयर करें धन्यवाद।Search Engine Marketing (SEM) क्या है

Search Engine Marketing (SEM) क्या है

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